अटूट बन्धन Summary In Hindi

Atoot Bandhan” is a Hindi phrase that can be translated to “Unbreakable Bond” or “Inseparable Connection” in English.

अटूट बन्धन Summary In Hindi

अटूट बन्धन कथा सारांश

‘अट बन्धन’ प्रेम विज की मानवीय रिश्तों से जुड़ी लधुकथा है। इनसानियत का रिश्ता सबसे बड़ा रिश्ता है। अविश्वास का साया कुछ देर के लिए मानवीय सम्बन्धों को घेर लेता है परन्तु भाई-भाई और विश्वास के उजाले में प्रेम का अटूट बन्धन विश्वास को मज़बूत कर देता है नीरज को अपने चाचा जी के परिवार से बहुत लगाव था परन्तु पंजाब में बढ़ते आंतकवाद ने नीरज की सोच को प्रभावित किया।

उसे लगने लगा कि उसके चाचा जी बाल बढ़ाकर आंतकवादियों का साथ देने लगे हैं। उसकी पत्नी उसकी सोच के लिए उसे समझाती है और खून के रिश्तों का महत्त्व समझाती है। नीरज बहुत सालों बाद अपने चचेरे भाई के विवाह में जाता है। वहाँ उसे पहुँचने में देरी हो जाती है। रास्ते में एक सरदार उसे अपने ट्रैक्टर पर गांव तक छोड़ने की बात कहता है।

नीरज उसकी तरफ देखता है तो उसे उसकी आंखों में केवल प्यार दिखता है। नीरज सोचता है कि पंजाब की जो तस्वीर उसने अपने मन में बैठा रखी थी वह इस समय बहुत भिन्न थी। सरदार जी के प्यार और अपनेपन ने नीरज के टूटे रिश्तों को फिर से अटूट कर दिया था।

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